बुक वैल्यू क्या होती है? Book Value Kya Hota Hai

शेयर बाजार में रुचि रखने वाले कई लोगों के मन में यह सवाल होता है कि किसी कंपनी की Book Value Kya Hota Hai उसका वास्तविक अर्थ क्या है। कई लोगों को इस सवाल का जवाब नहीं पता होता है कि शेयर बाजार में किसी कंपनी की बुक वैल्यू क्या होती है? (Book Value Kya Hota Hai), इसलिए इस लेख में इसके बारे में सारी जानकारी यानी बुक वैल्यू सब जानकारी दी गई है।

बुक वैल्यू क्या होती है? Book Value Kya Hota Hai

किसी भी कंपनी की बुक वैल्यू क्या होती है इसे समझने के लिए हमें कंपनी को दो भागों में बांटना होगा जिसमें पहले भाग में वो चीजें शामिल होंगी जिनमें कंपनी की कोई भी चीज बेचने पर पैसा आएगा जैसे कि कंपनी की जमीन, कंपनी में मौजूद सभी मशीनरी आदि। और दूसरे हिस्से में कंपनी द्वारा लिया गया लोन शामिल होगा।

अब उन दो हिस्सों में से पहले हिस्से की कीमत, यानी कंपनी को बेचने के बाद जो पैसा आता है, उसमें से उस कंपनी द्वारा लिया गया कर्ज घटाकर, यानी पहले हिस्से में से दूसरा हिस्सा घटाने के बाद जो पैसा बचता है, उसे कंपनी की बुक वैल्यू कहा जाता है।

बुक वैल्यू को नेट वर्थ भी कहा जाता है। बुक वैल्यू को और भी सरल तरीके से जाना जा सकता है, जैसे राम के पास एक दुकान है और राम को पैसों की जरूरत होने के कारण वह उस दुकान को बेच देता है, फिर राम को उस दुकान से 10,000 रुपये मिलते हैं, लेकिन राम ने उस दुकान पर 5,000 रुपये हजार रुपये का कर्ज लिया था।

इसलिए राम को यह ऋण दुकान की बिक्री के बाद देना था, इसलिए राम ने दुकान की बिक्री पर प्राप्त 10 हजार रुपये में से 5 हजार रुपये दे दिए, इस प्रकार राम के पास केवल 5 हजार रुपये बचे, यानी उस दुकान का मूल्य मात्र 5 हजार रुपये था. तो वही 5 हजार उस दुकान की बुक वैल्यू थी इसी तरह कंपनी की बुक वैल्यू रहती है।

Conclusion

कंपनी पर मौजूदा ऋणों का भुगतान करने के बाद कंपनी की कुल संपत्ति का मूल्य को book value कहते है।

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