एनएसई और बीएसई क्या है | What Is NSE And BSE

जब हम किसी भी कंपनी के शेयर खरीदते हैं तो हमें दो विकल्प नजर आते हैं, पहला है NSE (National Stock Exchange) और दूसरा है BSE (Bombay Stock Exchange), आखिर शेयर बाजार में बीएसई और एनएसई क्या है (What Is NSE And BSE) और एनएसई और बीएसई में क्या अंतर है। ये सारी जानकारी आपको इस पोस्ट से पता चल जाएगी.

एनएसई और बीएसई क्या है | What Is NSE And BSE

NSE और BSE भारत की सबसे बड़ी और सबसे लोकप्रिय कंपनियां हैं। जो कंपनियों के स्टॉक खरीदने और बेचने का काम करती है।

अगर हम NSE और BSE कंपनियों के बारे में विस्तार से जानते हैं तो कंपनियों और ग्राहकों के बीच शेयर लेनदेन के कार्य एनएसई और बीएसई कंपनिया करती है। उदाहरण के लिए, यदि कोई कंपनी पानी की बोतलें बनाती है, तो लोग हमेशा बोतलें खरीदने के लिए कंपनी के नहीं आते हैं, फिर कंपनी अपनी बोतलें कुछ दुकानों में बेचती है और फिर लोग उन दुकानों से बोतलें खरीदते हैं।

इसी तरह लोग कंपनी के पास जाकर कंपनी के शेयर नहीं खरीदते, इसीलिए कंपनी अपने शेयर एनएसई और बीएसई कंपनियों को देती है और फिर एनएसई और बीएसई ग्राहकों को शेयर बेचती है। इसे शेयर मार्केट एनएसई और बीएसई कहा जाता है।

बीएसई की स्थापना साल 1875 में हुई थी। 1875 साल से लेकर आज तक बीएसई के सफर में कुल 6 हजार से ज्यादा कंपनियों ने बीएससी को चुना है यानी वर्तमान में 6 हजार से ज्यादा कंपनियां बीएसई में शामिल हैं।

पहले अगर किसी कंपनी का शेयर खरीदना होता था तो लोगों को उसे खरीदने के लिए मुंबई के बीएससी सेंटर में जाना पड़ता था, लेकिन 1992 में एनएसई कंपनियों की स्थापना हुई और उन कंपनियों ने शेयर खरीदने की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया। और आज इस कंपनी में 1700 से ज्यादा कंपनियां भी शामिल हैं।

Conclusion

NSE और BSE कंपनियां ग्राहकों को कंपनियों के शेयर बेचने और खरीदने का काम करती हैं और उसे बीएसई और एनएसई कहा जाता है।

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